Category : आज़ादी के दीवाने

Blogआज़ादी के दीवानेइतिहासक्रांतिकारीदेशशख्सियत

विनायक दामोदर सावरकर [ 1883-1966 ] आज़ादी के दीवाने “वीर सावरकर”

narendra vala
वीर सावरकर आज़ादी के दीवाने
नमस्कार,  विनायक दामोदर सावरकर (1883-1966)     वीर सावरकर के नाम से प्रसिद्ध विनायक दामोदर सावरकर का जन्म 1883 में नासिक के निकट भगुर गांव में एक मध्यमवर्गीय चितपावन ब्राह्मण परिवार में हुआ था। दस साल की उम्र में विनायक ने मराठी की चौथी कक्षा उत्तीर्ण की। 1895 में उन्होंने......
Blogआज़ादी के दीवानेइतिहासक्रांतिकारीदेशप्रेरणाब्रेकिंग न्यूज़राजनीतिशख्सियत

महात्मा गांधी के विरुद्ध भारत का पहेला मुकदमा-जेल 1922 मुख्य न्यायाधीश शेलत की कलम से ….

narendra vala
गांधी का पहेला अपराध और जेल
नमस्कार, महात्मा गांधी का मुकदमा  (1922)       महात्मा गांधी और यंग इंडिया के प्रकाशक शंकरलाल बैंकर पर एक साथ मुकदमा चलाया गया और एक साथ सजा सुनाई गई। 1922 में, उन्हें ‘यंग इंडिया’ में चार ब्रिटिश विरोधी भड़काऊ लेख लिखने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए......
Blogआज का सत्यआज़ादी के दीवानेइतिहासक्रांतिकारीदेशधर्मप्रेरणाब्रेकिंग न्यूज़शख्सियत

में परमवीर चक्र पाना चाहता हु| करगिल शहीद केप्टन मनोज कुमार पांडे की शहीदी का ‘सत्यनामा’ 3 जुलाई 1999

narendra vala
करगिल युद्ध 1999 शहीद केप्टन मनोज पाण्डे
नमस्कार,  में परमवीर चक्र पाना चाहता हु | लेफ़्टेनेंट मनोज कुमार पाण्डे       कैप्टन मनोज कुमार पांडेय (25 जून 1975, सीतापुर, उत्तर प्रदेश — 3 जुलाई 1999, कश्मीर), भारतीय सेना के अधिकारी थे जिन्हें सन १९९९ के करगिल युद्ध में असाधारण वीरता के लिए मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च वीरता पदक परमवीर चक्र से सम्मानित......
Blogआज का सत्यआज़ादी के दीवानेइतिहासक्रांतिकारीदेशप्रेरणाब्रेकिंग न्यूज़शख्सियतसाहित्य

“या तो में तिरंगा फहराकर आऊँगा , या तो में तिरंगे मे लिपटकर आऊँगा” केप्टन विक्रम बत्रा 26 जुलाई करगिल विजय दिवस,

narendra vala
नमस्कार , 26 जुलाई कारगिल विजय दिवस,       1999 के कारगिल युद्ध मे भारत के 527 योद्धाओको हमने खोया है , जाबाज़ सिपाही ही होते है वो हर लड़ाई मे देखते है , यहा हमारे 527 शहीद योद्धाओकी वीरगति का इतिहास एक ही शृंखला मे कह नहीं पाएंगे......
Blogआज़ादी के दीवानेइतिहासक्रांतिकारीदेशप्रेरणाशख्सियत

श्री महर्षि अरविंद 1872-1950 एक रास्ट्रप्रेमी

narendra vala
श्री महर्षि अरविंद
 नमस्कार , श्री अरविंद  अरबिंदो (अरबिंदो घोष) श्रीका जन्म 15 अगस्त, 1872 को काला में हुआ था। उनके पिता कृष्णधन घोष पश्चिम बंगाल के कोन्नानगर के प्रसिद्ध घोष परिवार से थे। जब अरविंद केवल सात वर्ष के थे, तब वे अपने दो बड़े भाइयों, बिनयभूषण और मनमोहन को अपने साथ इंग्लैंड......
Blogआज़ादी के दीवानेइतिहासदेशप्रेरणाशख्सियत

बालगंगाधर तिलक 1857-1920 एक क्रांतिकारी

narendra vala
बलगंगाधर तिलक स्वतन्त्रता सेनानी 1857
 नमस्कार, बाल गंगाधर तिलक (1857-1920)     बाल गंगाधर तिलक एक प्रसिद्ध राष्ट्रीय नेता और एक सुशिक्षित विद्वान थे। उनका जन्म रत्नागिरी में एक मराठा ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उन्होंने रक्कन कॉलेज में शिक्षा प्राप्त की और कानून की डिग्री हासिल की। फर्ग्यूसन कॉलेज के प्रायोजक बन गए और......
Blogआज़ादी के दीवानेइतिहासदेशप्रेरणाशख्सियत

सुरेन्द्रनाथ बेनर्जी 1848-1925-[1876 मे भारतीय संघकी स्थापना की थी |]

narendra vala
सुरेन्द्रनाथ बेनर्जी
   नमस्कार,   सुरेंद्रनाथ बनर्जी (1848-1925)     सुरेंद्रनाथ बनर्जी का जन्म 10 नवंबर, 1848 को कलकत्ता के एक प्रमुख ब्राह्मण परिवार में हुआ था। सुरेंद्रनाथ ने अपनी स्कूली शिक्षा पैतृक शैक्षणिक संस्थान में प्राप्त की जहाँ कई एंग्लो-इंडियन लड़कों ने भाग लिया। 1868 में कला विश्वविद्यालय से स्नातक की......
Blogआज़ादी के दीवानेइतिहासदेशशख्सियत

शेख मुहम्मद अब्दुल्लाह [कश्मीर] 1905-1982, [15 साल 7 महीने और 5 दिन की अवधि में उन्हें नौ बार जेल की सजा हुई थी।]

narendra vala
शेख मुहम्मद अब्दुल्लाह
   नमस्कार , शेख मुहम्मद अब्दुल्ला (1905-1982)      शेख मुहम्मद अब्दुल्ला का जन्म 5 दिसंबर, 1905 को श्रीनगर के एक उपनगर सौरा में हुआ था। उनके जन्म से एक पखवाड़े पहले, उनके पिता की मृत्यु हो गई, उनके पीछे छह बेटे और दो बेटे थे। उनका परिवार पश्मी शॉल......
Blogआज़ादी के दीवानेइतिहासक्रांतिकारीप्रेरणा

राजस्थान मे 1857 की क्रान्ति मे बख्तावर सिंह ,मेहराब सिंह,ठाकुर कुशाल सिंह का योगदान

narendra vala
नमस्कार , 1857 की क्रान्ति मे राजस्थान के क्रांतिकारीओका बलिदान           देश का कोई भी हिस्सा ऐसा नहीं था, जिसने संग्राम में भाग नहीं लिया हो | राजस्थान भी इस क्रांति यज्ञ से अछूता नहीं रहा| 18 सो 57 का स्वाधीनता संग्राम पूरे देश में फैला......
Blogआज का सत्यआज़ादी के दीवानेइतिहासक्रांतिकारीदेशप्रेरणाब्रेकिंग न्यूज़राजनीतिशख्सियत

आज़ादी का मुक़दमा ,शहीद भगत सिंह,सुखदेव,राजगुरु…आजादी के दीवाने 23 मार्च 1931

narendra vala
आज़ादी के दीवाने
जय हिन्द -वंदेमातरम              हिंदुस्तान की आज़ादी के दीवाने ऐसे ही दीवाने नहीं हुए थे , इनके पीछे अंग्रेज़ो के ब्रिटिश शाशकों द्वारा हुए राजकीय दमन मुख्य आधारभूत कारण है | अंग्रेज़ो की नीति तय थी की जो भी आज़ादी की आवाज़ उठाए , उनकी......
Blogआज़ादी के दीवानेइतिहासप्रेरणाराजनीतिशख्सियत

‘જેલ માં તકલીફ વેઠશો નહીં’ बेटी मणिबहेन को लिखा सरदार पटेल का पत्र 8/12/1938 ,जब राजकोट जेल मे थी |

narendra vala
सरदार पटेल और बेटी मणि बहन का आज़ादी मे योगदान
नमस्कार ,                ‘જેલ માં તકલીફ વેઠશો નહીં ‘                                                                        ......
Blogआज़ादी के दीवानेइतिहासक्रांतिकारीप्रेरणाब्रेकिंग न्यूज़राजनीतिशख्सियत

गुजरात मे १८५७ की क्रान्ति की चिंगारी | राजा जीवाभाई ठाकोर को गुजरात मे फांसी दी गई | तात्या तोपे के सहकार से अंग्रेज़ो की नींद उड़ादी |

narendra vala
   नमस्कार ,             गुजरात के तीन भागों में सशस्त्र विद्रोह हुए उनमें प्रमुख थे अहमदाबाद जिला, महिकांठा , खेड़ा, पंचमहाल, रेवा कांठा , तथा गायकवाड राज्य| स्वतंत्रता के इस महासमर की गूंज गुजरात में भी पहुंची थी|           थानी फौजी छावनी की सातवीं रेजिमेंट के सूबेदार......

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy
error: Content is protected !!